venezuela news तख्तापलट का दावा! अमेरिकी हवाई हमलों की रिपोर्टों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी का दावा
जानिए अब तक सामने आए कथित घटनाक्रम
दिनांक: 3 जनवरी 2026
स्थान: काराकास, वेनेजुएला
नए साल 2026 की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा करने वाली खबरों से हुई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर चल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर सैन्य घटनाक्रम हुआ है। दावा किया जा रहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला में एक सैन्य अभियान चलाया, जिसके बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हुई।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इस खबर ने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है।
क्या है ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’? (कथित जानकारी)
रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 जनवरी की सुबह तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास में जोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा चलाए गए एक सैन्य ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसे “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम दिया गया।
कथित लक्ष्य:
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फोर्ट ट्यूना (Fort Tiuna) सैन्य परिसर
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ला कारलोटा एयरबेस
इसी के साथ यह भी दावा किया गया कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है, हालांकि वेनेजुएला सरकार या संयुक्त राष्ट्र की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अमेरिका–वेनेजुएला तनाव: पृष्ठभूमि
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव चर्चा में आया हो। बीते वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते लगातार खराब रहे हैं।
अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप (पूर्व में):
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ड्रग तस्करी और संगठित अपराध से कथित संबंध
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चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप
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मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचना
हालांकि, वेनेजुएला सरकार इन सभी आरोपों को पहले भी खारिज करती रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: चिंता और आशंका
इन दावों के सामने आने के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता देखी जा रही है।
कथित प्रतिक्रियाएं:
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रूस और चीन जैसे देशों ने किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को “संप्रभुता का उल्लंघन” बताया है (हालांकि आधिकारिक बयान सीमित हैं)।
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लैटिन अमेरिका के कई देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।
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अमेरिका के भीतर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो इसका असर पूरे दक्षिण अमेरिका की स्थिरता पर पड़ सकता है।
वेनेजुएला की जमीनी स्थिति (कथित)
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार:
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काराकास के कुछ इलाकों में इंटरनेट और बिजली सेवाएं बाधित होने की खबरें हैं
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आम नागरिकों में डर और अनिश्चितता का माहौल है
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सरकारी संस्थानों की ओर से सीमित जानकारी ही सामने आ रही है
हालांकि, इन सूचनाओं की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर स्थिति बढ़ती है, तो:
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अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की भूमिका बढ़ सकती है
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संयुक्त राष्ट्र और OAS जैसे संगठन सक्रिय हो सकते हैं
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वेनेजुएला में सत्ता हस्तांतरण या आंतरिक संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर आधिकारिक बयानों और पुष्टि पर टिकी हुई है।
निष्कर्ष
वेनेजुएला से जुड़ी ये खबरें इस समय दावों और रिपोर्ट्स पर आधारित हैं, जिनकी पुष्टि होना अभी बाकी है।
अगर ये घटनाएं सही साबित होती हैं, तो यह लैटिन अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी भू-राजनीतिक घटनाओं में से एक हो सकती हैं।
सच्चाई क्या है, यह आने वाले घंटों और दिनों में साफ होगा।
Tazanews365 इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है।
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