IMD Weather Alert उत्तर भारत से आई बर्फीली हवाओं का कहर, मैदानी इलाकों में बढ़ी ठिठुरन; IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
देश के उत्तरी राज्यों से आ रही बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर से उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। पहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब साफ तौर पर मैदानी क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
ठंड के इस नए दौर ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं किसानों, बुजुर्गों और यात्रियों के लिए भी यह मौसम चिंता का कारण बनता जा रहा है।
पहाड़ों की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बर्फबारी ने पूरे मौसम चक्र को प्रभावित किया है। इन क्षेत्रों से आने वाली शीतल हवाएं (Cold Winds) अब मैदानी राज्यों में प्रवेश कर चुकी हैं।
राजस्थान के कई हिस्सों में रात का तापमान 0 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने लगा है। विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में सर्दी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, दिल्ली-NCR में न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है।

महाराष्ट्र में भी दिखा ठंड का असर
आमतौर पर उत्तर भारत तक सीमित रहने वाली कड़ाके की ठंड का असर इस बार महाराष्ट्र तक देखने को मिल रहा है। IMD के अनुसार, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के कुछ जिलों में तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है।
इन क्षेत्रों में रातें अधिक ठंडी होने की संभावना है, जिससे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खुले इलाकों में काम करने वाले मजदूरों और किसानों के लिए यह मौसम अतिरिक्त सतर्कता की मांग करता है।
IMD का येलो अलर्ट: किन राज्यों में रहेगी ज्यादा सतर्कता?
मौसम की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसका मतलब है कि मौसम सामान्य से अधिक खराब हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
🔸 दिल्ली-NCR
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घना कोहरा छाए रहने की संभावना
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सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो सकती है
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शीतलहर (Cold Wave) का असर जारी रहेगा
🔸 राजस्थान
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बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में कड़ाके की ठंड
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अगले 3 से 4 दिनों तक घना कोहरा
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कुछ इलाकों में पाला पड़ने की संभावना
🔸 मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र
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उत्तरी हिस्सों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट
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सुबह के समय ठंडी हवाओं का असर
आम जनजीवन पर ठंड का प्रभाव
🚆 यातायात पर असर
घने कोहरे के कारण रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। कई ट्रेनों के लेट होने और उड़ानों में देरी की संभावना जताई जा रही है। हाईवे पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
🩺 स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं
अचानक बढ़ी ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ सकता है। सर्दी, खांसी, सांस की समस्या और जोड़ों के दर्द जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दी है।
🌾 खेती और किसानों पर प्रभाव
राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पाला (Ground Frost) पड़ने की संभावना है। इससे सरसों, आलू और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को रात में खेतों में हल्की सिंचाई करने और फसल को ढकने जैसी सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है।
सावधानी ही बचाव है: क्या करें और क्या न करें?
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सुबह और देर रात यात्रा से बचें
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वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें
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गर्म कपड़े, टोपी और दस्ताने पहनें
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बुजुर्गों और बच्चों को ठंडी हवा से दूर रखें
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पर्याप्त मात्रा में गर्म तरल पदार्थ (चाय, सूप) लें
कब मिलेगी ठंड से राहत?
मौसम विभाग के अनुसार, 10 जनवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत में ठंड से राहत के आसार कम हैं। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने पर तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। हालांकि, तब तक लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
निष्कर्ष
उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने इस बार ठंड का दायरा काफी बढ़ा दिया है। दिल्ली से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र तक ठिठुरन महसूस की जा रही है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।
👉 ठंड के इस दौर में सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
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(Tazanews365)