🎬 Raj Nidimoru: OTT के Master Storyteller और Unconventional Cinema के Craftsman
भारतीय फिल्म और ओटीटी जगत में राज निदिमोरु एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जो अपनी अनोखी कहानियों, हटकर निर्देशन शैली और जॉनर-बेंडिंग नैरेटिव के लिए जाना जाता है। अपने क्रिएटिव पार्टनर कृष्णा डीके के साथ वे ‘राज और डीके’ के रूप में इंडस्ट्री में एक नई लहर लेकर आए हैं—जहाँ कॉमेडी, क्राइम, सस्पेंस और डार्क ह्यूमर का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है।
🌱 तिरुपति से टेक वर्ल्ड और फिर फिल्मों तक का सफर
4 अगस्त 1975 को तिरुपति (आंध्र प्रदेश) में जन्मे राज निदिमोरु की शुरुआत एक आम इंजीनियरिंग छात्र की तरह हुई।
उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से पढ़ाई पूरी की, जहाँ उनकी मुलाकात कृष्णा डीके से हुई—यहीं से दोनों के बीच एक ऐसी दोस्ती और समझ बनी, जिसने आगे जाकर भारतीय सिनेमा में क्रिएटिव पार्टनरशिप का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
ग्रेजुएशन के बाद राज अमेरिका चले गए और सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करने लगे। करियर मजबूत था, लेकिन जुनून फिल्मों का था।
इसी जुनून ने दोनों को मिलकर इंडिपेंडेंट फिल्में बनाने की ओर मोड़ा, और इस सफर की शुरुआत हुई 2003 की अंग्रेज़ी फिल्म ‘Flavors’ से—जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जगत में पहचान दिलाई।
🎥 ‘राज और डीके’: अनोखी कहानी कहने की अनोखी जोड़ी
यह जोड़ी भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान इसलिए बना पाई क्योंकि उनके पास था—
✔ अनोखा हास्य
✔ असामान्य किरदार
✔ जॉनर का नया ट्विस्ट
✔ मजबूत स्क्रीनप्ले
मुख्य फिल्में:
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99 (2009) – कॉमेडी और क्राइम का हल्का-फुल्का लेकिन स्मार्ट मिश्रण
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Shor In The City (2011) – गहरी और इमोशनल कहानी, जिसे खूब सराहना मिली
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Go Goa Gone (2013) – भारत की पहली जॉम्बी-कॉमेडी और आज एक कल्ट फिल्म
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Stree (2018) – हॉरर और कॉमेडी का बेमिसाल संतुलन; इसकी कहानी राज और डीके ने लिखी
इसके अलावा Happy Ending और A Gentleman जैसी फिल्में उनकी फिल्मोग्राफी में विविधता जोड़ती हैं।
📺 OTT के Game Changers: The Family Man से लेकर Farzi तक
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर राज और डीके ने ऐसा कमाल दिखाया कि वे आज भारत के टॉप कंटेंट क्रिएटर्स में गिने जाते हैं।
⭐ The Family Man
मनोज बाजपेयी की इस स्पाई-थ्रिलर ने भारत में ओटीटी कंटेंट की परिभाषा बदल दी।
यह सिर्फ एक जासूसी सीरीज़ नहीं, बल्कि एक मिडिल-क्लास फैमिली की दुविधाओं को भी बेहद खूबसूरती से दिखाती है।
⭐ Farzi
शाहिद कपूर और विजय सेतुपति की दमदार परफॉर्मेंस वाली यह क्राइम-थ्रिलर सीरीज़ भी बड़ी हिट रही।
यह सीरीज़ दिखाती है कि कैसे आम इंसान भी अपराध की दुनिया में कदम रखते-रखते पूरी कहानी को बदल देता है।
⭐ Guns & Gulaabs
90s का बैकड्रॉप, डार्क ह्यूमर और quirky characters वाली यह सीरीज़ राज और डीके की सिग्नेचर स्टाइल को और मजबूत करती है।
🎭 उनकी कहानी कहने की खासियत
राज और डीके की storytelling हमेशा अलग होती है क्योंकि—
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वे रियलिटी और ह्यूमर को बेहतरीन तरीके से बैलेंस करते हैं
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उनकी कहानियों में खास इंसान नहीं, आम लोग ही हीरो होते हैं
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किरदार layered और situations unpredictable होती हैं
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हर प्रोजेक्ट में एक नया cinematic flavor मिलता है